Search

News Update

30/04/2023

RTE Maharashtra तांत्रिक अडचणींमुळे आरटीई प्रवेशास मुदतवाढ

 



अधिकृत रूप से जाना जाता है कि भारत में सभी बच्चों को 6 से 14 वर्ष की आयु तक मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा की प्रदान की जानी चाहिए। इसके लिए भारत सरकार ने 2009 में अधिकार से शिक्षा (Right to Education) अधिनियम (Act) को लागू किया था। यह अधिनियम भारत के सभी राज्यों में लागू है।


अधिनियम के अंतर्गत, सरकार द्वारा स्कूलों की स्थापना और संचालन के लिए धन उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही, अधिनियम ने शिक्षा के अधिकार के लिए जिन लाभार्थियों को पहले से ही छूट प्राप्त थे, उन्हें इस अधिनियम के तहत भी शिक्षा का अधिकार है।


अधिनियम ने स्कूलों के लिए कुछ मानकों को स्थापित किया है, जैसे कि शैक्षिक सुविधा ओं, शिक्षकों की योग्यता, शैक्षणिक सामग्री आदि। इसके अलावा, अधिनियम ने स्कूलों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए आरक्षण भी प्रदान किया है।



RTE’ची प्रवेशप्रक्रिया सध्या सुरू आहे. परंतु, संकेतस्थळावर येत असलेल्या तांत्रिक अडचणींमुळे प्रवेशनिश्चितीची प्रक्रिया अत्यंत संथ सुरू असल्याची तक्रार पालकांकडून होत होती. त्यामुळे शिक्षण विभागाने या प्रवेशप्रक्रियेस मुदतवाढ दिली आहे.


ही प्रवेशप्रक्रिया सुरू होऊन बारा दिवस झालेले असतानाही जिल्ह्यात अवघ्या ५१८ विद्यार्थ्यांनी प्रवेश निश्चित केलेले आहेत. आज, मंगळवारी (दि. २५) प्रवेशनिश्चितीची अखेरची मुदत असतानाच शिक्षण विभागाने पुन्हा मुदतवाढ दिली आहे. त्यामुळे आता संबंधित विद्यार्थ्यांना ५ मेपर्यंत प्रवेश निश्चित करता येणार आहेत.

प्रवेश घेताना संकेतस्थळावर येणाऱ्या असंख्य तांत्रिक अडचणींमुळे प्रवेशप्रक्रियाच पूर्ण करता येत नसल्याची तक्रार पालकांकडून व्यक्त केली जात होती. याबाबत शिक्षण विभागानेही आपली बाजू मांडताना पोर्टलवर अधिक भार येत असल्याने तांत्रिक अडचणी येत असल्याचे मान्य केले. त्याचबरोबर पालकांनी कोणताही संभ्रम न बाळगता पुन्हा प्रयत्न करण्याचे आवाहनही करण्यात आले होते.

प्रवेशप्रक्रिया सुरू होऊन बारा दिवस झालेले असतानाही अद्याप जिल्ह्यात केवळ दहा टक्केच प्रवेश होऊ शकले आहेत. त्यामुळे आज प्रवेशनिश्चितीसाठीची अंतिम मुदत असतानाच शिक्षण विभागाने मुदतवाढ देण्याचा निर्णय घेतला आहे.


Right to Education (RTE) अधिनियम को भारत सरकार ने 1 अप्रैल, 2010 से लागू किया था। इस अधिनियम के तहत, सभी 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार की प्रदान की जाती है।



Right to Education (RTE) अधिनियम के कई फायदे हैं, नीचे कुछ महत्वपूर्ण फायदे बताए गए हैं:


शिक्षा के अधिकार की प्रदान - RTE अधिनियम के तहत, सभी 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार की प्रदान की जाती है। इससे वे बच्चे भी शिक्षा के लिए अधिकारी होते हैं, जो पहले इससे वंचित रहते थे।


शिक्षा में उन्नति - RTE अधिनियम द्वारा सभी स्कूलों को शिक्षा के मानकों को पालन करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इससे उन्नति की दिशा में जाने वाली शिक्षा व्यवस्था विकसित होती है।


समान अवसर - RTE अधिनियम के अंतर्गत स्कूलों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए आरक्षण प्रदान किया जाता है। इससे उन्हें समान अवसर प्राप्त होते हैं और वे भी आसानी से शिक्षा के लिए अधिकारी होते हैं।


शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार - RTE अधिनियम द्वारा शिक्षा के मानकों को ऊंचा करने के लिए

No comments:

Post a Comment

Next Post

📮 Post Office GDS Bharti 2026: भारतीय डाक विभागात 28,000+ जागांसाठी मेगाभरती

  भारतीय डाक विभाग (India Post) मार्फत Post Office GDS Bharti 2026 अंतर्गत देशभरात 28,000 पेक्षा जास्त जागांसाठी भरती जाहीर होणार आहे. 10व...